ॐ हनुमते नमः

जोधापुरवा · धौरहरा · लखीमपुर खीरी

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर

निर्माण अभियान

जोधापुरवा की धरती पर एक ऐसा धाम, जो भक्ति से उठे और जिस पर हर सहयोग का हिसाब खुला रहे।

A sanctum for Panchmukhi Hanuman at Jodhapurwa, raised in the open and kept honest.

सहयोग से पहले सतर्कता सूचना पढ़ें
  • भक्तिपंचमुखी हनुमान की आराधना
  • सेवाग्राम और श्रद्धालुओं का साथ
  • पारदर्शितानाम, राशि और खर्च खुले
खड़े श्री पंचमुखी हनुमान — अभय मुद्रा, गदा, खड्ग और त्रिशूल के साथ

मंत्र: ॐ हनुमते नमः, जय बजरंगबली, जय श्री राम, संकटमोचन, पवनसुत हनुमान।

आसन पर विराजमान श्री पंचमुखी हनुमान, पाँच मुख और श्री राम का अभय हस्त
श्री पंचमुखी हनुमान

०१ — संकल्प

हमारा संकल्प

हनुमान जी की कथा सिखाती है कि शक्ति का अर्थ घमंड नहीं, सेवा है। वीर बाबा सेवा समिति उसी भाव से खड़ी है।

ग्राम जोधापुरवा, पोस्ट नैनापुर, तहसील धौरहरा, लखीमपुर खीरी में हम श्री पंचमुखी हनुमान जी का मंदिर इसलिए बनाना चाहते हैं, ताकि आरती का स्थान हो, बच्चों के संस्कार हों, और दरवाज़ा हर श्रद्धालु के लिए खुला रहे।

यह अभियान किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं है। जो सहयोग आएगा, उसका नाम, राशि और उपयोग छिपाया नहीं जाएगा। मंदिर की नींव में पत्थर के साथ विश्वास भी रखा जाएगा।

हम तीन बातों पर अटल हैं। भक्ति शुद्ध हो। सेवा बिना दिखावे की हो। हिसाब ऐसा हो कि गाँव का कोई भी व्यक्ति उसे पढ़ सके।

राम काजु कीन्हे बिनु मोहि कहाँ विश्राम।

तुलसीदास, रामचरितमानस

०२ — रूप

पाँच मुख, पाँच दिशाएँ

पंचमुखी हनुमान जी के पाँच मुख पाँच दिशाओं के रक्षक माने जाते हैं। हर मुख एक भय मिटाता है, एक शक्ति जगाता है। यही रूप इस मंदिर की आत्मा है।

पश्चिम

श्री गरुड़

बाधा, विष और नकारात्मकता से रक्षा। ऊपर उठने की गति।

दक्षिण

श्री नृसिंह

धर्म की रक्षा। भय और अन्याय पर विजय का तेज।

पूर्व · मुख्य मुख

श्री हनुमान

भक्ति, बल और निर्भयता। राम-काज में अटूट साथ। अन्याय के सामने झुकने वाली शक्ति नहीं।

उत्तर

श्री वराह

धारण करने वाला बल। स्थिरता, समृद्धि और समाज की नींव।

ऊर्ध्व

श्री हयग्रीव

ज्ञान और विद्या। वाणी की शुद्धि, अध्ययन की ज्योति।

पाँचों मुख एक ही बजरंगबली के हैं — दिशाएँ अलग, शरण एक।

०३ — धाम

मंदिर केवल भवन नहीं

मंदिर अभी संकल्प है, दीवारें बाद में उठेंगी। पर उसकी रूपरेखा आज से स्पष्ट है। हम एक ऐसा धाम चाहते हैं जो केवल दर्शन का स्थल न हो — गाँव का आँगन भी हो।

०१

गर्भगृह

श्री पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा, और नित्य पूजा व आरती का संकल्प।

०२

सत्संग

कीर्तन, प्रवचन और पर्वों का मंडप, जहाँ गाँव एक स्वर में बैठे।

०३

संस्कार

बच्चों के लिए पाठ, हनुमान चालीसा और रामायण की कथा। विद्या भी सेवा है।

०४

लेखा और सेवा

सहयोग का खुला हिसाब, और ज़रूरत पड़ने पर बिना दिखावे हाथ बढ़ाना।

यह रूपरेखा हमारा संकल्प है। निर्माण सहयोग और खुले हिसाब के साथ आगे बढ़ेगा — किसी अधूरी प्रतिज्ञा के सहारे नहीं।

०४ — साथ

तीन मार्ग, एक सेवा

आप दूर रहकर भी इस अभियान के अंग बन सकते हैं। सहयोग का रूप आप चुनें। समिति न राशि तय करेगी, न जल्दी का दबाव डालेगी।

१

धनदान

निर्माण, प्रतिमा और आगे की पूजा के लिए आर्थिक सहयोग। राशि छोटी हो या बड़ी, नाम और हिसाब सार्वजनिक रहेगा। जब तक दान-खाता इस पृष्ठ पर न छपे, धन न भेजें — पहले संपर्क करें।

संपर्क करें
२

श्रमदान

निर्माण, स्वच्छता, पर्व की व्यवस्था या वृक्ष लगाना। हाथ लगाना भी पूजा है। समय बताइए, समिति काम का रूप साथ तय करेगी।

श्रम का प्रस्ताव
३

प्रचार

इस संकल्प को परिवार, गाँव और मित्रों तक पहुँचाइए। भक्ति तब बढ़ती है जब बाँटी जाए। शब्द भी दान है।

साथ दें

विशेष सूचना

नकली दान से बचें

इस अभियान के नाम पर अपरिचित कॉल, संदेश या लिंक आ सकते हैं। वीर बाबा सेवा समिति स्पष्ट कहती है — जो संपर्क इस पृष्ठ पर नहीं छपा, उसे आधिकारिक न मानें।

  • अभी इस पृष्ठ पर कोई बैंक खाता, यूपीआई या क्यूआर प्रकाशित नहीं है। जब होगा, यहीं दिखेगा। उसी पर विश्वास करें।
  • फ़ोन, व्हाट्सऐप या सोशल माध्यम पर आया कोई भी “तत्काल दान” संदेश पहले जाँचें।
  • रसीद, नाम और उद्देश्य के बिना माँगा गया धन न दें।
  • शंका हो तो सीधे लिखें। उत्तर आपका अधिकार है।

info@veerbaba.com

०५ — विश्वास

पारदर्शिता की प्रतिज्ञा

श्रद्धा माँगने का अधिकार तभी है, जब हिसाब देने की हिम्मत हो। समिति इन चार बातों पर सार्वजनिक रूप से बँधी है।

०१

नाम और राशि खुले

सत्यापित सहयोग का नाम, राशि, तिथि और उद्देश्य प्रकाशित किया जाएगा। छिपाना इस अभियान की रीत नहीं।

०२

खर्च का ब्यौरा

निर्माण पर हुआ व्यय समय-समय पर बताया जाएगा, ताकि दान कहाँ लगा यह अनुमान न रहे।

०३

सामूहिक निर्णय

दान एक व्यक्ति के निजी खाते की वस्तु नहीं। निर्णय समिति के सामूहिक विवेक से होंगे।

०४

प्रश्न आपका अधिकार

कोई भी श्रद्धालु हिसाब पूछ सकता है। लिखिए — info@veerbaba.com — उत्तर मिलेगा।

हनुमान स्तुति

मनोजवं मारुततुल्यवेगं
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

हनुमान स्तुति

जय श्री राम · जय बजरंगबली

निज स्मरण

अपना जाप

गिनती केवल इस फ़ोन या कंप्यूटर पर रहती है। एक माला में १०८ जाप होते हैं।

इस माला में ० १०८ में से

पूरी मालाएँ: ०

०६ — संवाद

संपर्क

दर्शन बाद में होंगे। संवाद आज से शुरू है। दान, श्रम, प्रचार या कोई शंका — सीधे समिति को लिखें।

वीर बाबा सेवा समिति

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर निर्माण अभियान

ग्राम जोधापुरवा, पोस्ट नैनापुर

तहसील धौरहरा, लखीमपुर खीरी

उत्तर प्रदेश — 262724

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